Home विदेश राघव चड्ढा ने सियोल में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बोलते हुए कहा- भारत...

राघव चड्ढा ने सियोल में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बोलते हुए कहा- भारत अब आतंकवादी हमलों पर सैन्य कार्रवाई के जरिए जवाब देता है

80
0
Jeevan Ayurveda

सियोल/नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने सियोल में आयोजित प्रतिष्ठित 'एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस- 2025' में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बोलते हुए कहा कि भारत अब आतंकवादी हमलों पर केवल दुख व्यक्त नहीं करता, बल्कि अब वह सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई के जरिए जवाब भी देता है, जैसा 'ऑपरेशन सिंदूर' में किया गया। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में चोसुन मीडिया और सेंटर फॉर एशिया लीडरशिप के सहयोग से आयोजित 'पूर्व का दावोस' नाम से मशहूर प्रतिष्ठित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (एएलसी 2025) में सांसद राघव चड्ढा ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए यह स्पष्ट कर दिया कि अगर हमारे देश की शांति से खिलवाड़ किया गया, तो हम आतंक के ढांचे को जमींदोज कर देंगे, चाहे वो देश की सीमा के भीतर हों या बाहर।"
सांसद राघव चड्ढा ने दुनिया के सामने भारत की नई रणनीति पर बोलते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने यह साबित कर दिया कि भारत अब एक नई सैन्य और कूटनीतिक नीति के तहत काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हम केवल आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया नहीं करते, बल्कि अब हम आतंक के मूल ढांचे को जड़ से खत्म करते हैं।" सांसद राघव चड्ढा ने आगे कहा, ''भारत अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की भूमि से आता है, लेकिन साथ ही इस भूमि पर भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारी भी पैदा हुए हैं। हम शांति में विश्वास करते हैं, लेकिन आतंकवाद का समर्थन करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।''

सियोल में आयोजित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने भारत की तरफ से एक निर्णायक, आत्मनिर्भर और रणनीतिक रूप से मजबूत राष्ट्र की छवि को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच से एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत एक निर्णायक और दृढ़ राष्ट्र के रूप में उभरा है और यह बताया है कि हम आतंकवाद, आतंकी ढांचे और दुष्ट राष्ट्रों के साथ कैसे निपटते हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' के रूप में भारत सरकार और हमारी भारतीय सेना ने यह साफ कर दिया कि हम शांति के पक्षधर हैं, लेकिन अगर कोई हमारे देश की शांति को भंग करता है और हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाता है, तो हम आतंकी ढांचे को बख्शेंगे नहीं, चाहे वह कहीं भी हो। नतीजतन, सीमा पार आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए सटीक सैन्य कार्रवाई की गई।
राघव चड्ढा ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम करता है। उन्होंने कहा, "आज का भारत वह नहीं है जो हमलों को चुपचाप सह लेता था। हम अब हमला सहते नहीं, बल्कि सीमा पार जाकर आतंक के ठिकानों को खत्म करते हैं। भारत अब आतंक के खिलाफ सिर्फ कूटनीतिक बयान नहीं देता, बल्कि जमीन पर कार्रवाई करता है। 'ऑपरेशन सिंदूर' इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। भारत अब न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा करता है, बल्कि दुनिया को भी आतंक मुक्त बनाने में अपना योगदान देने को तैयार है।"
इस बार की एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोंपियो, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स, ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन और हार्वर्ड सेंटर फॉर पब्लिक लीडरशिप के डीन विलियम्स जैसे ग्लोबल लीडर्स के साथ मंच साझा किया।

Ad
Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here