संतों ने समाज को दिखाई वो राह, जो कैराना और कांधला जैसी घटना नहीं होने देती: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    81
    0
    Jeevan Ayurveda

    मुजफ्फरनगर 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों ने समाज को एकता और जोड़ने की राह दिखाई। वह राह, जो कैराना व कांधला की घटना नहीं होने देती। यह वही राह है, जो हमें सुरक्षा व संरक्षण की गारंटी देती है और उत्थान का मार्ग प्रशस्त करती है। साथ ही सम-विषम परिस्थितियों में लड़ने की प्रेरणा प्रदान करती है। स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास महाराज दिव्य संत थे। उन्होंने शुकतीर्थ में सतगुरु रविदास जी महाराज जी की प्रेरणा को आगे बढ़ाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को शुक्रतीर्थ मुजफ्फरनगर में विशाल संत समागम और सत्संग कार्यक्रम में सहभाग किया। यह कार्यक्रम संत स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास जी महाराज की 65वीं पुण्यतिथि एवं सतगुरु समनदास जी महाराज की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यकाल में जब देश गुलामी की बेड़ियों से जकड़ा हुआ था, विदेशी आक्रांताओं द्वारा भारत की धर्म और संस्कृति को रौंदा जा रहा था तो उस समय ज्योति के पुंज के रूप में काशी के सीरगोवर्धन में सतगुरु रविदास जी महाराज का आविर्भाव होता है। उन्होंने कर्मसाधना के माध्यम से जो प्रेरणा दी, वह आज भी देश व हर श्रद्धालु के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करती है।

    सतगुरु रविदास जी महाराज ने सामाजिक आडम्बर व कुरीतियों के खिलाफ समाज को जागरूक किया। कर्म पर विश्वास करने की प्रेरणा दी। आध्यात्मिक चेतना का जागरण किया। उन्होंने कहा कि मन चंगा तो कठौती में गंगा.. सतगुरु रविदास जी का कथन जीवन में आंतरिक पवित्रता और निर्मलता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने संत रविदास के कथन की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी वाणी अत्यंत दिव्य थी। रविदास जी ने कहा था मैं तब प्रसन्न रहूंगा, जब बिना भेदभाव सबको समान अधिकार व अन्न मिलेगा। संत रविदास की इन बातों को पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के माध्यम से इसे अक्षरशः लागू किया। कोरोना जैसी महामारी से अब तक 81 करोड़ लोगों को अन्न वितरण कराया जा रहा है और यही संतों की प्रेरणा है।

    Ad

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रविदास जी महाराज की पावन जन्मभूमि सीरगोवर्धन की सड़कें 2014 के पहले सिंगल लेन की थी, लेकिन पीएम मोदी की प्रेरणा से उसे फोरलेन से जोड़ दिया गया। आश्रम को भव्य रूप दे दिया गया है। गुरु रविदास की भव्य प्रतिमा व अन्न क्षेत्र का निर्माण किया गया। सैकड़ों बीघा जमीन को खरीदकर सतगुरु रविदास जी महराज के नाम पर पार्क व प्रतिमा की स्थापना हुई। सीएम ने कहा कि शुकतीर्थ पौराणिक तीर्थ है। यह भागवत भूमि है, पांच हजार वर्ष पहले शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को भागवत की पहली कथा इस धाम पर सुनाकर भक्ति, ज्ञान, मुक्ति के महत्व की प्रेरणा बताई थी। मां गंगा भारत के सनातन धर्म परंपरा की अविरल धारा है, जो सम-विषम परिस्थितियों में उद्धार का मार्ग प्रशस्त करती है। दुनिया का कोई मत, मजहब और संप्रदाय बताए कि पांच हजार वर्ष का इतिहास कितने लोगों का है। यह दावा केवल आप कर सकते हैं। जिसके उत्तराधिकारी आप और वाहक संतजन हैं।

    आदित्यनाथ ने 65वीं पुण्यतिथि पर स्वामी भिक्षुकदास जी महाराज व समनदास जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली बार समनदास आश्रम के सामने सतगुरु रविदास व संत समनदास जी महाराज की स्मृति में घाट का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण, पार्किंग, सुंदरीकरण और सत्संग सभागार की स्थापना करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी समस्या का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है और संतों का मार्गदर्शन मिलता है तो अच्छा ही अच्छा होता है। अच्छा करने के लिए सोच होनी चाहिए। बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने देश को संविधान दिया, लेकिन जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था, पिछली सरकारों ने वह नहीं दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान भिक्षुक दास व समनदास जी महाराज ने सतगुरु रविदास जी के मिशन को आगे बढ़ाया है। सरकार द्वारा किए गए गरीब कल्याण के कार्यों को गिनाते हुए सीएम ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन का कारण बनी सुविधाएं सतगुरु रविदास की प्रेरणा से संभव हो पाईं।

     

    Jeevan Ayurveda Clinic

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here