यूपी: अब अंतिम नहीं मानी जाएगी लेखपाल की रिपोर्ट, CM योगी का बड़ा फैसला

    64
    0
    Jeevan Ayurveda

    लखनऊ 
    यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजस्व मामलों की जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब इन मामलों में लेखपाल की रिपोर्ट को अंतिम नहीं माना जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान आने वाली शिकायतों के मद्देनजर लेखपाल स्तर की जांच पर रोक लगा दी गई है।

    अब राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच लेखपाल नहीं,नायब तहसीलदार करेंगे। अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नायब तहसीलदार से नीचे कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। शिकायतकर्ता को सुनने के बाद ही नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट देंगे। अंतिम निर्णय और समाधान उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर पर होगा। जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर रूप अपनाते हुए सीएम कार्यालय ने यह निर्णय लिया है। अब किसी रिपोर्ट से नहीं सुनवाई से न्याय होगा।

    Ad

    राजस्व मामलों की जांच की प्रक्रिया में किए गए इस महत्वपूर्ण बदलाव से उम्मीद है कि इन मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी। पहले ऐसी शिकायतों की जांच लेखपाल करते थे। अब लेखपाल की बजाए नायब तहसीलदार ऐसे मामलों की जांच करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बदलाव का मकसद राजस्व मामलों की जांच में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर नकेल कसना है।

    कहा जा रहा है कि ऐसे मामलों को लेकर आए दिन शिकायतें आ रही थीं। ऐसी कुछ शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में भी पहुंंची थीं। ऐसी शिकायतों पर सीएम योगी ने पूर्व में भी अधिकारियों को अधिक सतर्कता बरतने और जनता की शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से हल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि शिकायतकर्ताओं की समस्या के समाधान के बाद उनका फीडबैक भी लिया जाए। सीएम जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान अक्सर अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि जांच प्रक्रिया में बदलाव से जांच में जवाबदेही बढ़ेगी। इससे शिकायतों का निपटारा अधिक गुणवत्तापूर्ण ढंग से होगा।

     

    Jeevan Ayurveda Clinic

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here