जावेद हबीब और बेटे को बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

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     प्रयागराज

    सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को इलाहाबाद से बड़ी राहत मिली है। धोखाधड़ी के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है।

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    दोनों के खिलाफ संभल के रायसत्ती पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। जावेद हबीब और उनके बेटे पर संभल के राय सत्ती पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज है। बाप-बेटे ने मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक अंतरिम रोक लगा दी है।

    गिरफ्तारी के लिए दी जा रही थी दबिश
    जावेद हबीब, अनोश हबीब के अलावा सैफुल नाम के शख्स के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। आरोप है कि 100 से अधिक लोग पीड़ित हैं, जिन्होंने मुनाफे के लालच में पैसा लगाया था. पुलिस ने जावेद हबीब और उनके पूरे परिवार के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है, ताकि कोई भी देश छोड़कर न भाग सकें पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जावेद हबीब के दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर नोटिस भी चस्पा किया है। सभी मुकदमों की पुलिस विवेचना कर रही है। जावेद हबीब और उनके बेटे की तरफ से पेश वकील शिखर नीलकंठ, मोहित सिंह, अमित तिवारी ने पक्ष रखा। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की डबल बेंच ने याचिका पर सुनवाई की गई।

    करोड़ों की धोखाधड़ी का है मामला
    जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और ठगी के मामले में संभल के रायसत्ती थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। इस धोखाधड़ी मामले में अब तक कुल 32 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आरोप है कि संभल के रॉयल पैलेस में सितंबर 2023 में जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब ने सेमिनार आयोजित किया था। इस सेमिनार में लोगों को दो से 20 लाख  रुपये तक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया था। दो साल बीतने के बाद न तो निवेशकों को कोई मुनाफा मिला और न ही निवेश की गई रकम अब तक लौटाई गई।

    धोखाधड़ी और ठगी के इस मामले की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एफएलसी कंपनी में पैसा निवेश करने पर निवेशकों को 50 से 70% मुनाफे का लालच देकर ठगा है। निवेशकों ने ठगी के बारे में जानकारी होने के बाद रायसत्ती थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. 23 सितंबर को रायसत्ती थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। फिर उसके बाद लगातार मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला जारी है।

     

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