परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाराणसी के प्रमुख स्थलों को रात्रि में आकर्षक और सुरक्षित बनाना

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    परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाराणसी के प्रमुख स्थलों को रात्रि में आकर्षक और सुरक्षित बनाना

    मोदी-योगी के 'एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ' के तहत, काशी के 10 प्रमुख स्थलों पर फसाड लाइटिंग का कार्य जल्द होगा शुरू

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    वाराणसी में रात्रिकालीन पर्यटन और स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प को भी मिलेगा बढ़ावा

    वाराणसी
     काशी के ऐतिहासिक घाट और सनातन धर्म के आस्था का केंद्र काशी में मंदिर अब रात में भी चमकते दिखाई देंगे। भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र वाराणसी में पर्यटन और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू होने वाली है। मोदी-योगी के 'एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ' के तहत, वाराणसी के 10 प्रमुख स्थलों पर फसाड लाइटिंग का कार्य प्रस्तावित है। इस परियोजना की कुल लागत 2410.99 लाख रुपये प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य काशी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक वैभव को रात्रि के समय और अधिक आकर्षक बनाना है।

    वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि इस परियोजना में अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट, केदार घाट, संकट मोचन मंदिर, काल भैरव मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, भारत माता मंदिर, दुर्गा कुंड मंदिर और तुलसी मानस मंदिर शामिल हैं।  इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य काशी के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक वैभव को रात्रि में और अधिक आकर्षक एवं दर्शनीय बनाना है। फसाड लाइटिंग के माध्यम से इन स्थलों की भव्यता को रात में भी महसूस किया जा सकेगा, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को एक नया अनुभव प्राप्त होगा।

    वीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाराणसी के प्रमुख स्थलों को रात्रि में आकर्षक और सुरक्षित बनाना है, फसाड लाइटिंग के माध्यम से इन स्थलों की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व को उभारा जाएगा, जिससे काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना काशी के पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से रेखांकित करेगी। 

    इस पहल से वाराणसी में रात्रिकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। यह परियोजना काशी को वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने की परिकल्पना का भी एक अहम हिस्सा मानी जा रही है। यह परियोजना वाराणसी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगी।

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