Home देश सूर्यकांत ने फर्जी बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, कहा- यह सामाजिक उकसावे...

सूर्यकांत ने फर्जी बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, कहा- यह सामाजिक उकसावे की साजिश है

7
0
Jeevan Ayurveda

 नई दिल्ली

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से प्रसारित किए जा रहे एक जातिवादी और भ्रामक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस तरह की पोस्ट को नीच, ढीठ और शरारतपूर्ण बताते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानून की पूरी शक्ति के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि देश के सर्वोच्च न्यायिक पद के साथ एक काल्पनिक उद्धरण जोड़ना न केवल बेईमानी है, बल्कि सामाजिक उकसावे की एक जानबूझकर की गई साजिश है।

Ad

सीजेआई ने विशेष रूप से एक्स पर @UnreservedMERIT नामक एक अकाउंट द्वारा किए गए पोस्ट का उल्लेख किया। इस पोस्ट में हिंदी में एक बयान को CJI सूर्यकांत के नाम से प्रचारित किया जा रहा था, "अगर कोई समाज अपने लोगों के बीच से IAS, IPS, CJI, राष्ट्रपति और PM पैदा करने के बाद भी खुद को शोषित ही मानता है तो गलती ब्राह्मणों की नहीं बल्कि उसकी अपनी मानसिकता की है।"

CJI का कड़ा रुख
मुख्य न्यायाधीश ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह से निराधार, दुर्भावनापूर्ण और स्पष्ट रूप से गलत करार दिया। उन्होंने इसे संवैधानिक मूल्यों का अपमान बताते हुए कहा, "देश के चीफ जस्टिस के नाम से एक काल्पनिक उद्धरण बनाना सरासर बेईमानी, जानबूझकर किया गया सामाजिक उकसावा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अवमानना है। इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना आचरण न्यायपालिका और कानून के शासन में जनता के विश्वास की नींव को कमजोर करता है।"

CJI ने सभी जिम्मेदार नागरिकों, मीडिया संगठनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से आग्रह किया है कि वे इस तरह की झूठी और मनगढ़ंत सामग्री को साझा या प्रचारित करने से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि यह फर्जी टिप्पणी उनके विचारों और चरित्र को नहीं दर्शाती है।

कानून की पूरी ताकत का होगा सामना
बयान में अंत में यह स्पष्ट किया गया कि जो लोग इस तरह की फर्जी खबरों और भ्रामक टिप्पणियों को फैला रहे हैं, उन्हें कानून की पूरी ताकत का सामना करना होगा। CJI के कार्यालय ने इस मामले को गंभीर मानहानि और न्यायिक कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य माना है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here