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मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती में 3 गुना सख्ती, शरीर पर टैटू वालों की हो सकती है समस्या

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भोपाल
 मध्य प्रदेश में 2022 में पटवारी भर्ती परीक्षा और 2023 में हुई पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर बड़े सवाल उठे थे. एक बार फिर मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 8589 पदों पर पुलिस भर्ती कराई जा रही है. पिछली परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी से बड़ा सबक लेते हुए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल इस बार खास सर्तकता बरत रहा है. गड़बडी रोकने के लिए अभ्यार्थियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से गुजरना होगा.

मुन्नाभाईयों पर नकेल कसने के लिए इस बार सिर्फ आधार वेरिफिकेशन और थंप इंप्रेशन से काम नहीं चलेगा, बल्कि एआई तकनीक से अभ्यर्थियों के चेहरे का मिलान भी किया जाएगा. उधर फिजिकल के लिए भी पुलिस मुख्यालय नियम तैयार कर रहा है. इस बार शरीर पर टैटू बनवाने वालों को भर्ती प्रक्रिया से अलग किया जा सकता है.
अब सिर्फ फिंगर प्रिंट से नहीं चलेगा काम

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मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में सिर्फ आधार कार्ड और फिंगर प्रिंट मिलान से ही काम नहीं चलेगा. इसके अलावा कई सुरक्षा फीचर्स का उपाए इस बार किया जाएगा. मध्य प्रदेश में 2023 में पुलिस भर्ती परीक्षा से सबक लेकर यह किया गया है. 2023 में पुलिस भर्ती परीक्षा में मुन्नाभाई फिल्म की तर्ज पर भर्ती में फर्जीवाड़ा किया गया था. अभ्यर्थियों ने अपने स्थान पर मुन्नाभाईयों को परीक्षा में बैठाकर एग्जाम पास किया था.

इस परीक्षा में शामिल होने वाले एग्जाम सेंटर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों के थंब इंप्रेशन का मिलान किया गया था, लेकिन कई अभ्यर्थियों ने सांठगांठ कर आधार कार्ड में फिंगर प्रिंट ही अपडेट करा लिए और अपने स्थान पर मुन्नाभाई को परीक्षा केन्द्र में पहुंचा दिया. हालांकि जब ज्वाइनिंग का मौका आया तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया. 2022 में हुई पटवारी परीक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे. इसमें मेरिटी लिस्ट के 10 में से 7 टॉपर एक ही सेंटर से परीक्षा देने वाले थे.

दो परीक्षाओं के बाद यह लिया निर्णय

मध्य प्रदेश में अब हो रही 8589 पदों पर भर्ती को लेकर एमपी कर्मचारी चयन मंडल ने 3 बड़े बदलाव किए हैं, ताकि मुन्नाभाईयों को परीक्षा में बैठने से रोका जा सके.

पुलिस भर्ती परीक्षा में इस बार सिर्फ आधार कार्ड, फिंगर प्रिंट मिलान से काम नहीं चलेगा. परीक्षा सेंटर पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों का आधार कार्ड में लगाए गए फोटो से अभ्यर्थियों के चेहरे का मिलान किया जाएगा. इसके लिए सभी सेंटर पर फेस रिकग्नीशन कैमरे लगाए जाएंगे.

परीक्षा सेंटर पर पहुंचने वाले सभी अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट का मिलान तो होगा ही, साथ ही अभ्यर्थियों की आंखों की पुतली के पैटर्न का भी मिलान करेगा, ताकि यदि कोई फिंगर प्रिंट चैंज भी करा ले, तो आंखों की पुतली से उसे पकड़ा जा सके.

इस बार परीक्षा सेंटर बनाने में भी विशेष सर्तकता बरती जा रही है. इस बार 11 प्रमुख शहरों में ही परीक्षा केन्द्र बनाए जाएंगे. भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी और उज्जैन में ही ऑनलाइन परीक्षा केन्द्र बनाए जाएंगे. पूर्व में विवादित हो चुके शहरों में परीक्षा केन्द्र नहीं बनाए गए हैं. मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के संचालक साकेत मालवीय कहते हैं कि "परीक्षा पारदर्शी तरीके से हो, इसके लिए इस बार आंखों की पुतली की स्कैनिंग और एआई के उपयोग जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं."

टैटू बनवाने से बचें अभ्यर्थी

उधर पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट से भी गुजरना होगा. इसमें अभ्यर्थियों का मेडिकल टेस्ट और फिजिकल टेस्ट भी होगा. इसमें ऐसे उम्मीदवारों को परेशानी आ सकती है, जिनके शरीर पर किसी तरह के फैशनेबल टैटू बने होंगे. आमतौर पर नवरात्री में गरबा जैसे आयोजन में हिस्सा लेने के पहले युवा शरीर पर आकर्षक टैटू बनवा लेते हैं. पुलिस भर्ती में सिलेक्शन में ऐसे टैटू परेशानी बन सकते हैं.

एडीजी चयन एवं भर्ती शाहिद अबसार कहते हैं कि "सेना में आमतौर पर नियम होता है कि शरीर पर किसी तरह का टैटू आदि नहीं होना चाहिए, जो उनके शिष्टाचार के नियम को तोड़े. मध्य प्रदेश पुलिस में भी शिष्टाचार का विशेष ध्यान रखा जाता है. पुलिस भर्ती को लेकर शासन स्तर से इसको लेकर नियम आए तो ऐसे अभ्यर्थियों को समस्या हो सकती है."

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