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क्राइम पेट्रोल में अजय देवगन की एंट्री फीकी, अनूप सोनी की याद दिला रही होस्टिंग

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A Big Hello to all of you…ये बोलकर बॉलीवुड के सिंघम अजय देवगन ने ठाठ से बतौर होस्ट टीवी पर एंट्री मारी. लेकिन 'सिंघम' की दहाड़ क्राइम पेट्रोल में आकर फीकी पड़ गई. सलमान खान और अमिताभ बच्चन की तरह उन्होंने कोई रियलिटी, क्विज शो नहीं चुना. उन्होंने सबसे हटके एक क्राइम शो चुना. वो टीवी के आइकॉनिक शो क्राइम पेट्रोल 2026 के होस्ट बने. उन्हें लेकर उम्मीदें काफी थीं.

फैंस ने तो फिक्शन की अलग ही दुनिया बना ली थी. उन्हें लगा जब सिंघम जुर्म की वारदात सुनाएगा तो अपराधी ही नहीं, घर बैठे लोगों की धड़कनें भी तेज हो जाएंगी. लेकिन अफसोस सारे अरमान चकनाचूर हो गए. फिल्मों में अजय ने हर रोल ऐसा निभाया कि आपको लगेगा ये उनके अलावा कोई और नहीं कर सकता था. लेकिन टीवी पर बाजी उल्टी पड़ गई. अजय की होस्टिंग देखकर लगता है अनूप सोनी होते तो बेहतर होता.

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अजय ने इस शो में अनूप सोनी को रिप्लेस किया है. वही अनूप जिनके स्टोरीटेलिंग स्टाइल से क्राइम पेट्रोल का पूरा माहौल सेट हो जाता था. अब सवाल ये है कि क्या अजय उस खाली जगह को भर पाए? या फिर मेकर्स ने स्टार पावर के चक्कर में शो का असली चार्म ही गंवा दिया? अजय को होस्ट रखना कहीं घाटे का सौदा तो नहीं है? जानते हैं…

अजय की दाल यहां नहीं गली!
जब अजय की होस्टिंग की जानकारी सामने आई तो एक सवाल इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ. कहीं ये चैनल और मेकर्स की अजय की स्टार पावर, ब्रैंड वैल्यू और सिंघम इमेज को कैश कराने की कोशिश तो नहीं है? शो देखने के बाद सच कहूं तो ये अंदाजा सही साबित होता दिखा है. क्योंकि अजय इसके होस्ट के रोल में अटपटे लगते हैं. खासकर अनूप सोनी के फैंस को अजय बिल्कुल नहीं भाएंगे. अजय का ऑरा एक सीरियस, इंटेंस पर्सनैलिटी का है, जो इस शो के लिए परफेक्ट क्वॉलिटी है. लेकिन फिर भी अजय को क्राइम पेट्रोल की होस्टिंग करते देख अटपटी फीलिंग आती है.

उनकी डायलॉग डिलीवरी नेचुरल कम और टेली प्रॉम्पटर ट्रांसलेटर की ज्यादा दिखती है. उनकी हैवी वॉइस, इंटेंस एटीट्यूड अच्छा है. लेकिन ओवरऑल प्रेजेंटेशन में वो चूके हैं. ऐसा लगता है मानो अजय को स्क्रिप्ट पकड़ाई गई और कहा- सर, ये लाइनें बोल दीजिए. क्राइम की इंटेंसिटी और डर का माहौल वो क्रिएट नहीं कर पाए हैं. उनकी डायलॉग डिलीवरी में नेचुरल फ्लो नहीं दिखता, जो क्राइम पेट्रोल जैसे शो की जान है.

अजय बनाम अनपू सोनी में फंसे दर्शक
अगर आपने अनूप सोनी को देखा होगा, तो जानते होंगे कैसे उनकी होस्टिंग और क्राइम स्टोरी के बीच एक सिंक हुआ करता था. मौजूदा सीन में चल रहा क्राइम अनूप के एक्सप्रेशन, उनकी स्क्रीन प्रेजेंस में साफ झलकता था. ऐसा लगता था मानो एपिसोड में चल रहे सीन अनूप के सामने घटित हुए हैं. तभी वो दर्शकों को उस क्राइम को इतना महसूस कर बता पाए हैं. अनूप की होस्टिंग में सहजता थी. वो दर्शकों को भरोसा दिलाते थे. अनूप ऑडियंस को ऐसा महसूस कराते थे जैसे वो होस्ट नहीं उनका कोई अपना है. जो उन्हें जुर्म के खिलाफ सतर्क करते हुए समझा रहा है.

कहां चूके अजय?
लेकिन अजय देवगन के केस में ऐसा नहीं है. लगता है जैसे मेकर्स ने एपिसोड बनने के बाद अजय को उनकी लाइनें दे दीं, फिर एक्टर ने बस एक टेक में सभी डायलॉग बोल डाले. क्राइम की गहरी चोट का असर ना ही उनके एक्शन और ना ही एक्सप्रेशंस में दिखता है. अजय फिल्मों के होंगे सिंघम, उनका रुतबा दमदार और सिनेमाई है, लेकिन ये शो उनके बस की बात नहीं लगती. वो अजय देवगन लगे हैं. ना कि एक क्राइम होस्ट. वो कहानी और ऑडियंस के बीच खुद को स्टैब्लिश करने में असमर्थ रहे हैं.

क्योंकि अजय इंडस्ट्री के सुपरस्टार हैं. इसलिए जब वो किसी जुर्म की कहानी सुनाते हैं, तो दर्शक उन्हें अजय देवगन 'द स्टार' के रूप में पाती है. जबकि क्राइम शो में कहानी और जुर्म सेंटर ऑफ अट्रैक्शन होता है ना कि होस्ट. एक्टर के केस में क्राइम पीछे रह गया, स्क्रीन पर अजय देवगन ज्यादा हो गए हैं.

ये कैसा हैलो….?
सबसे फनी और वीयर्ड अजय का खुद को इंट्रोड्यूस करने का तरीका है. जहां वो बोलते हैं- A Big Hello to all of you… भई कोई उन्हें समझाए कि ये कॉफी विद करण या बिग बॉस जैसा शो नहीं है. ये क्राइम शो है. उनका हैलो बोलने का स्टाइल क्राइम शो की सेंसिटिविटी से तालमेल नहीं खाता. शो के आखिर में दिया गया अजय का लेक्चर भी बोरिंग साउंड करता है.

जबकि अनूप सोनी का शो के अंत में बस ये बोलना कि 'सावधान रहे, सर्तक रहे' दर्शकों पर गहरा असर छोड़ता था. अजय की होस्टिंग की सबसे बड़ी कमी उनकी स्टार इमेज और गंभीर एक्टिंग वाली पर्सनैलिटी है, जो शो के नेचुरल होस्ट वाले अंदाज पर भारी पड़ी है. शो को ऐसा होस्ट चाहिए जो कहानी को जिए नहीं, उसे सहजता से दर्शकों तक पहुंचाए. अजय की एंट्री ग्रैंड हुई है, लेकिन अनूप सोनी वाली सहजता और कनेक्ट वो स्क्रीन पर नहीं ला पाएं.

अजय परफेक्ट होस्ट बन पाते अगर…
अजय देवगन के क्राइम पेट्रोल का परफेक्ट होस्ट बनने में हुई गड़बड़ी का कुछ क्रेडिट मेकर्स को भी जाता है. क्योंकि उन्होंने बस होस्ट बदला है, बाकी शो में कोई बदलाव नहीं किए. वही पुरानी कास्टिंग, नैरेशन स्टाइल और इंवेस्टिगेशन प्रोसेस में भी कुछ नया नहीं है. तभी दर्शकों को रह-रहकर अनूप सोनी याद आ जाते हैं. अगर मेकर्स ने होस्ट के साथ शो का फॉर्मेट, थीम और नैरेशन स्टाइल भी बदला होता, तो अजय लोगों को इतना अखरते नहीं. नए सीजन में वही पुराना फॉर्मूला काफी हद तक दोहराया गया है. शो में अजय के सिवाय कोई नया फैक्टर नहीं है.

सुनने में आया है कि अजय क्राइम पेट्रोल के 15 एपिसोड में नजर आएंगे. देखना होगा इसके बाद क्या जनता जर्नादन की अपील पर अनूप सोनी वापस आएंगे, या फिर कोई और शो होस्ट करेगा? अगर आप एक्टर के फैन हैं तो क्राइम पेट्रोल में उन्हें देखने का जोखिम उठा सकते हैं. वरना तो ये रिस्क लेकर खुद को बोर ना करें. दृश्यम 3 का इंतजार करें.

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