बांदा
सीएम योगी के विजन और प्रयासों से बुंदेलखंड की गौरवशाली संस्कृति और हुनर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में बांदा जनपद के हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की धूम रहेगी। जनपद के स्थानीय कारीगर और उद्यमी इस वैश्विक बाजार में अपनी चमक बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ओडीओपी के जरिए बांदा के हस्तशिल्प को मिली संजीवनी
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'एक जनपद-एक उत्पाद' और एमएसएमई के चलते बांदा के हस्तशिल्प को नई संजीवनी मिली है। उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि नोएडा में आयोजित हो रहे इस मेगा इवेंट में बांदा जनपद से कुल चार श्रेणियों में उद्यमी शामिल हो रहे हैं। ट्रेड शो में बांदा का गौरव कहे जाने वाले और ओडीओपी में शामिल शजर स्टोन के दो विशेष स्टाल लगाए जाएंगे। इसके लिए ओडीओपी श्रेणी से द्वारिका प्रसाद सोनी और अर्जुन गुप्ता का चयन किया गया है जो शजर पत्थर से तराशे गए खूबसूरत और अनूठे हस्तशिल्प का प्रदर्शन करेंगे। केन नदी के तट पर पाए जाने वाले इस दुर्लभ पत्थर की कलाकृतियां विदेशी खरीदारों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होंगी।
पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बिखेरेगा स्वाद का जादू
हस्तशिल्प के साथ-साथ इस बार बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर जादू बिखेरेगा। वहीं ओडीओसी के तहत दीपक सोनी इस शो में बांदा की प्रसिद्ध बालूशाही और सोहन हलुआ का स्टाल लगाएंगे। वहीं एमएसएमई श्रेणी से कमल आहूजा अपनी बेकरी उत्पादों के स्टाल के जरिए बांदा के आधुनिक स्वाद का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत चयनित युवा उद्यमी रवी नगाइच और शिवम कुशवाहा भी इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में शामिल होकर जिले का मान बढ़ाएंगे।
स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकारों में बांदा के इस हुनर को स्थानीय स्तर पर भी पहचान नहीं मिल पा रही थी लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों ने उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने ला खड़ा किया है। इस ट्रेड शो के माध्यम से न केवल बांदा के शजर उद्योग को नए एक्सपोर्ट ऑर्डर मिलने की उम्मीद है बल्कि बुंदेलखंड के लजीज व्यंजनों और युवा उद्यमियों को भी एक बड़ा बाजार मिलेगा।









