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भाजपा का 47वां स्थापना दिवस 6 अप्रैल को, प्रदेशभर में 9 दिन चलेंगे विशेष कार्यक्रम

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रायपुर.

भाजपा 6 अप्रैल को अपना 47वां स्थापना दिवस मनाएगी। देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भी इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यशवंत जैन को इस समिति का संयोजक बनाया गया है।

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वहीं, समिति में रंजना साहू, जी वेंकटराव और शिवनाथ यादव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा ऋतु चौरसिया और कमल गर्ग भी समिति के सदस्य होंगे। 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक कार्यक्रमों का पखवाड़ा चलेगा। इस दौरान बूथ, मंडल और जिला स्तर पर विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। समिति द्वारा पूरे कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी इसी समिति पर होगी।

6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन
6 अप्रैल 1980 को बीजेपी का गठन हुआ था. हर साल 6 अप्रैल को बीजेपी स्थापना दिवस मनाती है. इस बार छत्तीसगढ़ में भाजपा 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विभिन्न कार्यों के जरिए बीजेपी स्थापना दिवस मनाएगी. इस बार के आयोजन में बीजेपी बाबासाहेब के विचारों और उनकी जीवनी को गांव गांव तक पहुंचाएगी. इस आयोजन से पहले बीजेपी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर अटैक किया है और कांग्रेस पर बाबासाहेब के अपमान का आरोप लगाया है.

अविभाजित मध्य प्रदेश का हिस्सा छत्तीसगढ़ हमेशा से सुर्खियों में रहा है। साल 1998-99 में लोकसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने रायपुर के सभा में वादा किया था कि अगर केंद्र में उनकी सरकार बनी तो वह छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दे देंगे। इसी चुनाव में बीजेपी की जीत हुई और छत्तीसगढ़ एक अलग राज्य बन गया। 1 नवंबर, 2000 में छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा मिल गया। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद राज्य की बागडोर कांग्रेस नेता और पूर्व कलेक्टर अजीत जोगी को सौंपी गई।

2003 में पहली बार हुए थे चुनाव
अलग छत्तीसगढ़ में पहली बार विधानसभा के चुनाव 2003 में हुए और बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की। अविभाजित मध्य प्रदेश में कांग्रेस का किला रहा छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के बाद बीजेपी का गढ़ बन गया। साल 2000 से 2003 तक भाजपा विपक्ष की भूमिका में रही, 2003 में बीजेपी जीती और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में डॉ रमन सिंह पर भरोसा जताया। यह वही समय था जब पार्टी की स्थिति हासिए पर मानी जाती थी। इसी दौरान भाजपा के 13 विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के संपर्क में आकर कांग्रेस में शामिल हो गए। बीजेपी इस समय बड़े घमासान से जूझ रही थी। ऐसे में डॉक्टर रमन सिंह ने चुनौती को सुनहरे अवसर में बदल दिया। 15 साल तक छत्तीसगढ़ राज्य में राज कर चुके रमन सिंह की भूमिका भी बीजेपी की प्रदेश में मौजूदा स्थिति में काफी योगदान रहा है।

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