भोपाल
मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। निवेशकों को राज्य में कारोबार और उद्योग स्थापित करने के लिए आकर्षित करने के अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सितंबर में दुबई का दौरा करेंगे। उन्हें 7 से 9 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली Annual Investment Meeting Congress-2026 में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। इस आयोजन में सतत निवेश, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्थिक विविधता, उभरते बाजार और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री के साथ उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समेत निवेश से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की संभावना है। दुबई के अलावा देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में भी निवेशक संवाद, रोड शो और राउंड टेबल बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा। Invest MP के आधिकारिक इवेंट कैलेंडर में दुबई के साथ अंतरराष्ट्रीय निवेशक संपर्क कार्यक्रमों का उल्लेख भी किया गया है।
2025 GIS के बाद निवेश का दावा
मध्य प्रदेश सरकार के मुताबिक 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और उससे जुड़े निवेश आयोजनों के दौरान करीब 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए थे। राज्य सरकार का दावा है कि इनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं। जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री ने बताया था कि जनवरी से जून 2026 के बीच ही मध्य प्रदेश को 76,862 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिले, जिनसे करीब 82 हजार रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है। इस निवेश अभियान को केवल एक समिट तक सीमित रखने के बजाय सरकार अब लगातार investor outreach पर जोर दे रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक राज्य आने वाले महीनों में दुबई, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे बाजारों में वैश्विक कंपनियों के साथ संपर्क बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, बैटरी, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है।
दुबई दौरे से पहले बना निवेश का माहौल
दुबई के साथ मध्य प्रदेश की निवेश नीतियों का यह पहला बड़ा प्रयास नहीं है। जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री मोहन यादव के दुबई और स्पेन दौरे के दौरान राज्य को 11,119 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई थी। इन निवेशों में इंफ्रास्ट्रक्चर, बायोफ्यूल, खाद्य प्रसंस्करण, हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र शामिल थे। उसी दौरे के दौरान स्पेन की सबमर्सिबल टेक्नोलॉजीज के साथ AI-रेडी ग्रीन डेटा सेंटर की संभावनाओं को लेकर समझौता भी हुआ था। सरकार इस अनुभव को आगे बढ़ाते हुए अब बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, उपलब्ध भूमि, संसाधन, कनेक्टिविटी और मानव संसाधन को प्रमुखता से पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य का लक्ष्य सिर्फ निवेश प्रस्ताव जुटाना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने और रोजगार सृजन से जोड़ने का है।
Ease of Doing Business को बनाया बड़ा हथियार
इंजीनियरों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार अपनी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था को भी प्रमुखता से पेश कर रही है। इन्वेस्ट एमपी पोर्टल को राज्य के सिंगल विंडो सिस्टम के तौर पर विकसित किया गया है, जहां अलग-अलग योजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियों और सेवाओं को असमान तरीकों से उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार यह व्यवस्था नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से भी जुड़ी हुई है।
राज्य की औद्योगिक नीति में ‘Start Your Business in 30 Days’ जैसी पहल भी शामिल है। Invest India के उपलब्ध नीति दस्तावेज के अनुसार 45 व्यावसायिक सेवाओं को निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराने और कई सेवाओं में deemed approval की व्यवस्था की गई है। इससे उद्योग स्थापित करने के दौरान अलग-अलग विभागों के बीच प्रक्रियात्मक देरी को कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
मध्य प्रदेश का मौजूदा निवेश मॉडल अब सड़क, बिजली, पानी और औद्योगिक जमीन जैसी आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ तेज प्रशासनिक मंजूरियों को भी निवेश प्रस्ताव की प्रमुख ताकत के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
सरकार की कोशिश है कि घरेलू और विदेशी कंपनियों को शुरुआती निवेश निर्णय से लेकर परियोजना स्थापना तक कम से कम प्रक्रियात्मक बाधाओं का सामना करना पड़े।
जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव का दुबई दौरा इसी व्यापक निवेश रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। एक तरफ सरकार 2026 में मिले 76,862 करोड़ रुपये से अधिक के नए प्रस्तावों को परियोजनाओं में बदलने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ नए विदेशी निवेशकों को राज्य से जोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू रोड शो का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले महीनों में मध्य प्रदेश की निवेश नीति और नए औद्योगिक प्रस्ताव देश की नजर में रहने वाले बड़े आर्थिक घटनाक्रमों में शामिल रह सकते हैं।









