वंदे मातरम पर सख्त हुए सीएम योगी, कहा- विरोध करने वालों को नहीं रहना चाहिए यहां

    17
    0
    Jeevan Ayurveda

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कहा कि 6 करोड़ से अधिक की आबादी को पिछले आठ वर्षों के अंदर डबल इंजन सरकार के द्वारा किए गए सतत प्रयास से बहुआयामी गरीबी की रेखा से ऊपर किया गया है। उन्होंने कहा कि ये नीति आयोग के वे आंकड़े हैं जो उन्होंने पूरे देश भर में सरकार की विकासपरक योजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप सामने आए हैं। इसका मतलब ये नहीं है कि उनको अन्य योजनाओं से वंचित कर दिया जाए। उनको जो राशन की सुविधा मिल रही है, वह यथावत मिलेगी। उन्हें स्वास्थ्य की सुविधाएं जो मिल रही हैं, वे यथावत मिलती रहेंगी और शासन की अन्य सभी प्रकार की सुविधाएं वैसे ही मिलती रहेंगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून चंद हाथों की जागीर बन गई थी। कर्फ्यू और दंगा आम बात हो गई थी, पर्व आस्था नहीं आशंका के पर्याय बन गए थे, पुलिस का मनोबल टूटा था, न बेटी सुरक्षित थी न व्यापारी।
    उन्होंने कहा कि आज उपद्रव नहीं उत्सव प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में आज भय का वातावरण नहीं, बल्कि लोगों के मन में आस्था का भाव है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने ले ली है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम का विरोध करने वालों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। बजट सत्र के दौरान विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने सपा और कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने राज्य में विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान दोनों में बाधा डाली है।
    मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वंदे मातरम का विरोध करने वालों को भारतीय धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। कुछ राजनीतिक समूह भारत से खाते-पीते हैं लेकिन वंदे मातरम गाने से इनकार करते हैं। उन्होंने सपा के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों पर अयोध्या और मथुरा के विकास को रोकने और कांवड़ यात्रा और दीपोत्सव जैसे धार्मिक आयोजनों का विरोध करने का आरोप लगाया।
    उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश, आस्था का केंद्र होने के नाते, अब एक ऐसे मॉडल का गवाह बन रहा है जहां विकास और विरासत पुनर्जागरण का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य दंगा-प्रधान अर्थव्यवस्था से मंदिर-प्रधान अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हुआ है।
    प्रयागराज में आयोजित माघ मेले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां पूर्व के वर्षों में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होते थे, वहीं इस वर्ष के माघ मेले में लगभग 21 करोड़ तीर्थयात्रियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह बेहतर कानून व्यवस्था में बढ़ती जन आस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रहा, बल्कि देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।
    कानून प्रवर्तन सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब 12 कार्यरत फोरेंसिक प्रयोगशालाएं हैं, जबकि पहले केवल दो या तीन ही थीं। इसके साथ ही लखनऊ में एक राज्य फोरेंसिक संस्थान की स्थापना भी की गई है। प्रत्येक जिले में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए हैं और सभी पुलिस थानों में साइबर डेस्क कार्यरत हैं।
    उन्होंने यह भी बताया कि 60,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, पीएसी इकाइयों का पुनर्गठन किया गया है और महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है, और कई अन्य बटालियनों का गठन प्रक्रियाधीन है।

    Jeevan Ayurveda Clinic

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here