लखनऊ में शादी के कार्ड पर मिलेंगे व्यावसायिक गैस सिलेंडर, किल्लत के बीच प्रशासन ने दी बड़ी राहत

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    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने एडीएम सिविल सप्लाई ज्योति गौतम से उनके कार्यालय में मुलाकात की। पदाधिकारियों ने कैटरिंग क्षेत्र के व्यवसायियों की समस्याओं को उनके सामने रखा। एडीएम ने कहा कि शादी का कार्ड दिखाने पर सिलिंडर मिल सकेगा।

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    उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि 15 अप्रैल से सहालगों की शुरुआत हो रही है। इससे कैटरिंग क्षेत्र के व्यापारियों के सामने व्यावसायिक सिलिंडरों की बड़ी चुनौती आ रही है। कैटरिंग व्यापारियों को सहालग में सुगमता से व्यावसायिक सिलिंडर मिलने चाहिए।

    अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं अपूर्ति ज्योति गौतम ने व्यापारियों को भरोसा दिया कि कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शादी के कार्ड और प्री ऑर्डर बुकिंग के प्रपत्र के साथ जिला आपूर्ति कार्यालय या मेरे कार्यालय में जमा करा दें। कैटरर्स या शादी वाले घरों के लोग पत्र देकर व्यावसायिक गैस सिलेंडर की मांग कर सकते हैं। संबंधित गैस एजेंसी को व्यापारियों की मांग भेज कर व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

    प्रतिनिधि मंडल में उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट, कैटरिंग एवं डेकोरेशन व्यापार मंडल के अध्यक्ष राघवेंद्र चौधरी, संतोष गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान, आयुष पांडेय, संजीव सिंह मौजूद रहे।

    रिश्तेदारों की मेहमान नवाजी बड़ी समस्या
    उत्तर प्रदेश टेंट कैटरर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार बताते हैं कि गैस की किल्लत की वजह से लोग शादी टाल रहे हैं। घर आने वाले रिश्तेदारों के खाने-पीने की व्यवस्था कैसे होगी, इसकी चिंता बढ़ती जा रही है। बताया कि मेरे परिचित के पांच परिवारों ने नवंबर तक के लिए शादियां टाल दी हैं।

    मार्च में टाली थी शादी, नहीं मिली राहत: उत्तर प्रदेश आदर्श टेंट कैटरिंग एंड डेकोरेशन व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने बताया कि इंदिरानगर और चिनहट के दो परिवारों ने मार्च में आयोजित अपने घरों की शादियां गैस किल्लत को देखते हुए एक महीने के लिए टाल दी थीं। अब वह अप्रैल के अंत में शादी के लिए हिम्मत जुटा रहे हैं। हालांकि, उन्हें अब भी डर है कि कहीं सिलिंडर नहीं मिला तो मेहमानों को कैसे खिलाएंगे।

    व्यंजन भी हुए कम, काउंटर घटाए गए
    कारोबारी बताते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर हम हर जगह लकड़ी और कोयला नहीं जला सकते। धुआं होने के कारण मैरिज लॉन वाले ऐसे चूल्हे पर आपत्ति करते हैं। ऐसे में हम लोगों ने शादियों में चाट, पावभाजी, डोसा आदि के काउंटर कम किए गए हैं। इन काउंटर पर लगातार गैस की जरूरत पड़ती है।

     

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