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धीरेन्द्र शास्त्री की पदयात्रा को रोकने की मांग, दलित-पिछड़ा समाज संगठन ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

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छतरपुर 

भीम आर्मी और दलित पिछड़ा समाज संगठन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। संगठन के नेताओं ने धीरेन्द्र शास्त्री पर समाज को तोड़ने का आरोप लगाया है। दलित और पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री की 170 किलोमीटर की पदयात्रा को रोकने के लिए पांच दिन पहले राष्ट्रपति को पत्र लिख चुके हैं। अब संगठन की लीगल टीम दो दिन बाद जबलपुर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर कर यात्रा पर रोक की गुहार करेगी।

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धर्म की बातें करने वाले तोड़ रहे समाज

बीते दिन पत्रकार वार्ता में यादव ने कहा देश में जातिवादी राजनीति बढ़ रही है। प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। दमोह, कटनी, छतरपुर, दतिया और भिंड में दलित, पिछड़ों के साथ जातिगत घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने इन घटनाओं में एससी एसटी एक्ट की धारा लगाई हैं। संगठन की मांग है आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई होना चाहिए। यादव ने धीरेन्द्र शास्त्री पर कटाक्ष करते हुए कहा हैरानी की बात है कि धर्म की बातें करने वाले ही समाज को तोड़ने में लगे हैं।

आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र विद्रोही ने कहा हम वर्ग संघर्ष नहीं संवैधानिक व्यवस्था चाहते हैं। जाति के नाम पर सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर अंकुश जरूरी है। आजाद समाज पार्टी युवा विंग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर ने कहा जहां भी सांप्रदायिकता फैलाई जाएगी भीम आर्मी उसे सफल नहीं होने देगी।

यात्रा रोकी जाए, नहीं तो आंदोलन होगा

यादव ने कहा धीरेन्द्र शास्त्री 7 नवंबर को दिल्ली से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू कर रहे हैं 170 किलोमीटर की यात्रा 16 नवंबर को वृदावंन में समाप्त होगी। इसके जरिए समाज में सांप्रदायिकता बढ़ावा मिलेगा। इस यात्रा को रोका जाना चाहिए इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिख है। अब दो दिन बाद संगठन की लीगल टीम यात्रा पर रोक के लिए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर करेगी। अगर यात्रा नहीं रोकी गई तो संगठन आंदोलन करेगा।

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