Home राजनीतिक सिर्फ संवेदना नहीं, सच बताइए– अजित पवार की मौत पर संजय राउत...

सिर्फ संवेदना नहीं, सच बताइए– अजित पवार की मौत पर संजय राउत का तीखा हमला

36
0
Jeevan Ayurveda

मुंबई
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार का बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। वह जिला परिषद चुनावों के लिए एक सार्वजनिक रैली में शामिल होने के लिए बारामती जा रहे थे। यह खबर सामने आते ही न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने घटना की जांच की मांग की है।

संजय राउत की मांग: सिर्फ संवेदनाएं काफी नहीं
संजय राउत ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अजित पवार जैसे बड़े और लोकप्रिय नेता की मौत महज एक 'हादसा' कहकर नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने मांग की कि इस दुर्घटना की पूरी और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

Ad

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह विमान की तकनीकी खराबी थी, रडार की विफलता थी या एयरपोर्ट मैनेजमेंट की कोई चूक? उन्होंने कहा- सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। राउत ने अहमदाबाद में हुए पिछले विमान हादसों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उन जांचों से कभी कुछ हासिल हुआ? उन्होंने जोर देकर कहा कि जड़ तक जाना जरूरी है।

संजय राउत ने कहा- अजित पवार महाराष्ट्र के एक कद्दावर और लोकप्रिय नेता थे। पूरा देश सदमे में है। सिर्फ संवेदना जताने से क्या होगा? अगर यह तकनीकी खराबी थी, तो हमें इसका मूल कारण जानना ही होगा। प्रशासन और पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।

ब्लैक बॉक्स बरामद
जांच अधिकारियों ने दुर्घटना स्थल से वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया है। इससे विमान के अंतिम क्षणों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य तकनीकी टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या दुर्घटना मानवीय चूक के कारण हुई या किसी यांत्रिक विफलता के कारण। अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसे शून्य को छोड़ गया है जिसे भरना मुश्किल होगा। उनके राजनीतिक करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनकी प्रशासनिक पकड़ और जमीनी लोकप्रियता हमेशा बनी रही।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here