प्रेमानंद महाराज आश्रम लौटे, विराट कोहली विवाद पर फलाहारी बाबा ने मांगी माफी

    8
    0
    Jeevan Ayurveda

    लखनऊ
    दावन के संत प्रेमानंद महाराज अपने शिष्य रसिक दुलारी की मौत और उसे लेकर चल रही चर्चाओं के बीच 14 दिन बाद गुरुवार को अपने आश्रम पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। प्रेमानंद अपने राधा केलि कुंज आश्रम और गुरु स्थान पर करीब आधा घंटे रुकने के बाद फिर से यमुनापार के लिए रवाना हो गए। वहीं, प्रेमानंद को लेकर क्रिकेटर विराट कोहली को विवाद में घसीटने वाले फलाहारी बाबा बैकफुट पर आ गए। उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है।

    पिछले शुक्रवार को प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी ने आश्रम की इमारत से कूदकर जान दे दी थी। उनकी मौत के बाद सनसनी इसलिए ज्यादा फैली क्योंकि रसिक दुलारी का प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। पुलिस जांच के लिए पहुंची तो कमरे में प्राइवेट पार्ट का टुकड़ा और काटने में इस्तेमाल कटर भी मिला था। इसके बाद से कई तरह के रहस्य गहरा गए थे। मौत से संबंधित कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसमें आत्महत्या करते रसिक दुलारी दिखाई दिए लेकिन प्राइवेट पार्ट कटने का राज सामने नहीं आया। इसी के बाद से तरह तरह की चर्चाएं तैरने लगीं। आश्रम देश दुनिया में सुर्खियों में आ गया।

    Ad

    इसी बीच गुरुवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे संत प्रेमानंद महाराज अचानक राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। करीब 20 मिनट तक आश्रम में रहकर श्री जी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। उसके बाद अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे और एकांत ध्यान किया। गुरुजी से आशीर्वाद लेने के बाद करीब छह बजे फिर से यमुनापार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान भक्तों की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हो गई। जिन्हें महाराज के शिष्यों ने बमुश्किल काबू किया। इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचकर प्रवचन भी दिए।

    संतों के विरोध के बाद बैकफुट पर फलाहारी महाराज
    उधर, विराट कोहली को लेकर प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम पर आरोप लगाने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के एक पक्षकार दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। फलाहारी महाराज ने एक बयान जारी कर कहा था कि प्रेमानंद महाराज के आश्राम आने के लिए विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए दिए गए थे। दावा किया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए यह रुपये खर्च किए थे।

    इन आरोपों के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने फलाहारी बाबा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर संत समाज ने बैठक कर फलाहारी महाराज का सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार करने की घोषणा की थी। साथ ही भविष्य में किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया था।

    माना जा रहा है कि संतों के इसी कदम के बाद फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हैं। अब माफी मांगते हुए फलाहारी महाराज ने कहा कि मैंने आज तक प्रेमानंद महाराज जी के लिए एक शब्द नहीं बोला, मैं पूज्य महाराज जी से माफ़ी मांगता हूं। कहा कि उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया है। यह भी दावा किया कि इस मामले पर उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

    Jeevan Ayurveda Clinic

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here