यूप में बारिश से बड़ा कहर, धंसी सड़क में फंसी 12 गाड़ियां, कई मकान गिरे

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    Jeevan Ayurveda

    लखनऊ

    यूपी में भीषण गर्मी के बीच मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। कभी सौ की रफ्तार से तूफान तो कभी मूसलाधार बारिश होने लग रही है। ऐसा ही नजारा आगरा में दिखाई दिया है। यहां बारिश ने जबरदस्त कोहराम मचाया है। सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़क के बारिश में धंस जाने से इसमें 12 कारें और वैन पलट गईं। तीन से चार फुट तक धंसी सड़क के गड्ढों में यह वाहन फंस गए, जिन्हें शाम तक हाइड्रा मशीन मंगाकर निकलवाया गया। गनीमत यह रही कि कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ।

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    नगर निगम सीएम ग्रिड (ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत शहर में पांच सड़कों को मॉडल रोड बनाने का काम हो रहा है। इनमें से एक बसई रोड से इंद्रापुरम रोड तक के हिस्से में 10 फीट गहराई पर यूटिलिटी डक्ट, सीवर और पानी की लाइनें बिछाई गई हैं। लाइनें बिछाकर मिट्टी और गिट्टी बिछा दी गई। पार्षद दीपक वर्मा ने बताया कि सोमवार रात की बारिश में सड़क पानी से लबालब हो गई।

    सुबह कार चालक यहां से निकले तो वह पानी भरा देखकर गड्ढों को भांप नहीं सके और इनमें फंसते चले गए। करीब 12 कारें और वैन इन गड्ढों में फंसने के बाद पलट गईं। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गए। उन्हें क्षेत्रीय लोगों ने जैसे-तैसे बाहर निकाला। पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई। टोरंट की मरम्मत वैन, कचरा उठाने वाली गाड़ी भी फंसी। कई दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हुए।

    कीचड़ होने की वजह से पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह देहली गेट से राजा मंडी स्टेशन की ओर चल रहे सीएम ग्रिड योजना के काम के चलते कीचड़ ही कीचड़ हो गई। उधर अमर होटल से विभव नगर रोड का भी कमो‌वेश यही हाल हो गया। यहां भी लोगों को परेशानी हुई।

    नगर निगम के दावों की खुली पोल
    मूसलाधार बारिश से नगर निगम के नाला सफाई अभियान की हकीकत सामने आ गई, वहीं कई स्थानों पर चल रहे विकास कार्यों और सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। बारिश के कारण नाले उफान पर आ गए और कई बस्तियों में पानी भर गया। घरों, गलियों और बाजारों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर नालों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और गलियों में सिल्ट के ढेर लग गए।

    सोमवार रात करीब 12 बजे के बाद मौसम का मिजाज बदलना शुरू हुआ। आसमान में घने बादल छा गए और रात करीब दो बजे तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। मंगलवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर जलभराव, कीचड़ और गंदगी का नजारा दिखाई दिया। पार्षद राकेश कन्नौजिया ने बताया कि आगरा कैंट क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ।

    वहीं सोहल्ला और आसपास की बस्तियों में घरों में पानी भर गया। उधर वार्ड संख्या तीन जगदीशपुरा में आंबेडकर वाटिका के पीछे नाला उफान पर आ गया। पार्षद प्रीति भारती का आरोप है कि लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में नाला सफाई के दावे हो रहे हैं मगर कुछ घंटों की बारिश ने ही सारी पोल खोल दी। इस बार भी ताजनगरी में जलभराव से बचाव के इंतजाम मुकम्मल नहीं हो पाए। सब कुछ वैसा ही नजर आया, जिसकी कल्पना से ही हर साल शहर के लोग डर जाते थे। फिर कह रहे हैं कि मानसून तो अभी आना बाकी है।

    बाजारों की बिगड़ी सूरत, 800 दुकानों में भरा पानी
    मूसलाधार बारिश ने शहर के प्रमुख बाजारों में भारी नुकसान पहुंचाया। सबसे अधिक असर बिजलीघर चौराहा और आसपास के बाजारों में देखने को मिला, जहां जलभराव के कारण 800 से अधिक दुकानों में पानी घुस गया। राजामंडी बाजार भी रातभर पानी में डूबा रहा। मंगलवार सुबह दुकानदारों ने दुकानों में भरे पानी, कीचड़ और सिल्ट को देखकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया।

    व्यापारियों के अनुसार बिजलीघर, मंटोला, काजीपाड़ा और बालूगंज नालों के ओवरफ्लो होने से पानी बाजारों में भर गया। इससे बिजलीघर, शिवाजी मार्केट और छीपीटोला रोड स्थित दुकानों में रखा सामान खराब हो गया। व्यापारियों ने करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा किया है। उप नगर आयुक्त सरिता सिंह ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। उधर राजामंडी बाजार में भी जलभराव से व्यापार प्रभावित हुआ। व्यापारी लिल्ली गोयल ने बताया कि सड़क, नाला निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस है। सपा नेता राहुल चतुर्वेदी ने व्यापारियों को उचित मुआवजा देने और समाधान की मांग की है।

    टाइल्स की आवाज से जागे, घर गिरने से पहले भागे
    बारिश के बाद बालूगंज (रकाबगंज) क्षेत्र में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रात करीब पौने तीन बजे एक के बाद एक चार मकान भरभराकर ढह गए। राहत की बात यह रही कि मकानों में टाइल्स टूटने और दीवारों से आवाज आने पर परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे 23 लोगों की जान बच गई। हादसे में अतीश कुमार सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार एसएन में कराया गया।

    स्थानीय निवासी शिवम ने बताया कि तेज बारिश के दौरान उनके घर सहित विनोद कुमार, मुकेश सोनकर और अशोक के मकानों में पानी भरने लगा था। मकानों से असामान्य आवाजें आने लगीं और टाइल्स टूटने लगीं। खतरा भांपकर सभी लोग घरों से बाहर निकल गए। कुछ ही क्षण बाद चारों मकान ढह गए। महिलाएं व बच्चे दहशत में आ गए।

    सूचना पर थाना रकाबगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के दो अन्य मकान भी एहतियातन खाली करा दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। दोपहर में नगर निगम ने जेसीबी लगाकर मलबा हटवाया और मार्ग को सुचारू कराया।

    हादसे में अतीश कुमार सोनकर पुत्र रामलाल, विनोद कुमार पुत्र किशोरी लाल, मुकेश सोनकर पुत्र किशोरीलाल और अशोक का मकान उजड़ गए। अपने भरे पूरे घर को मलबे में तब्दील देख घर की महिलाएं दहाड़ मार कर रो रही थी।

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