ननों को राहत: NIA कोर्ट से जमानत, तस्करी और धर्मांतरण के आरोपों को बताया झूठा

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     बिलासपुर
     केरल की दो नन की जमानत याचिका पर एनआइए कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाते हुए दोनों नन को जमानत दे दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों नन पर मानव तस्करी और मतांतरण की साजिश का आरोप लगाया, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताया।

    दरअसल, 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने दोनों नन को तीन आदिवासी युवतियों और एक युवक के साथ रोका। पूछताछ में युवतियों ने बताया कि वे आगरा स्थित अस्पताल में काम करने जा रही हैं। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए मानव तस्करी और मतांतरण का आरोप लगाया गया। इसके बाद दुर्ग जीआरपी ने दोनों नन को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया। मामला एनआइए को सौंपा गया, जिसकी जांच अब जारी है।

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    शुक्रवार को एनआईए कोर्ट में नन की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया, वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि नन ने जांच में सहयोग किया है और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। शनिवार कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों नन को जमानत दे दी है।

    बता दें कि ननों की गिरफ्तारी के मामले को लेकर प्रदेश में सियासत गर्म हो चुकी है। जिसकी आंच दिल्ली और केरल तक महसूस की जा रही है। अपने दिल्ली दौरे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि-काननू अपना काम कर रही है। अदालत जो फैसला सुनाएगी मान्य होगा।
    डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा- मतांतरण समाज के लिए खतरा

    वहीं, जगदलपुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में बढ़ते मतांतरण पर चिंता जताई और इसे सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा बताया। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि मतांतरण के खिलाफ मिलकर प्रयास करें। इधर, कांग्रेस और वाम दलों ने गिरफ्तारी को पूर्वनियोजित और सांप्रदायिक सौहार्द के विरुद्ध बताया है।

    वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे गंभीर अन्याय बताया और कहा कि नन केवल आदिवासी लड़कियों को नौकरी के लिए शहर ले जा रही थीं। वहीं सांसद जेबी माथर ने गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए संसद में आवाज उठाने की बात कही।

    कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया अध्यक्ष से मिले केरल भाजपा अध्यक्ष

    मामले में डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए केरल भाजपा अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कैथोलिक बिशप्स कान्फ्रेंस आफ इंडिया के अध्यक्ष आर्चबिशप एंड्रयूज थाझथ से भेंट की। आर्चबिशप ने कहा कि चर्च इस गिरफ्तारी से व्यथित है, क्योंकि इनमें से एक नन तीन दशक से कुष्ठ रोगियों की सेवा कर रही थीं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक मुद्दे को पहुंचाया गया है और मदद का आश्वासन मिला है।, इधर केरल के चार सांसदों कोडिकुन्निल सुरेश, एंटो एंटनी, डीन कुरियाकोसे और हिबी ईडन ने शुक्रवार को डीजीपी अरुणदेव गौतम से मुलाकात की।

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