सोनभद्र खदान हादसा: पांच और शव बरामद, मलबे में दर्जन भर मजदूर फंसे होने का अंदेशा

    64
    0
    Jeevan Ayurveda

     सोनभद्र
    उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ढही एक पत्थर खदान के मलबे से पांच और शव बरामद हुए हैं. इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या छह हो गई है. जिला मजिस्ट्रेट बीएन सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को ये शव बरामद किए गए. पिछले 48 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.  

    न्यूज एजेंसी के अनुसार, मृतक की पहचान ओबरा के पनारी निवासी इंद्रजीत (30) के रूप में हुई है. अन्य मृतकों की पहचान इंद्रजीत के भाई संतोष यादव (30), रविंद्र उर्फ ​​नानक (18), रामखेलावन (32) और कृपाशंकर के रूप में हुई है. राजू सिंह (30) का शव रविवार को बरामद किया गया. 

    Ad

    प्रदेश के मंत्री और स्थानीय विधायक संजीव कुमार गोंड ने शनिवार शाम को खदान ढहने के बाद बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में घटनास्थल का दौरा किया था. उन्होंने ने कहा, "लगभग एक दर्जन मज़दूर मलबे में दबे हो सकते हैं."

    वहीं, वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पीयूष मोर्डिया ने रविवार को कहा कि भारी पत्थरों की मौजूदगी के कारण मलबा हटाने में समय लग रहा है. सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया कि उन्हें शनिवार शाम करीब 4.30 बजे ओबरा थाने में घटना की सूचना मिली. फोन करने वाले ने बताया कि कृष्णा माइनिंग वर्क्स द्वारा संचालित एक पत्थर खदान का एक हिस्सा ढह जाने से कई मजदूर मलबे में दब गए. 

    एसपी के मुताबिक, पुलिस ने परसोई टोला निवासी छोटू यादव की शिकायत पर कृष्णा माइनिंग वर्क्स के मालिक और उनके व्यापारिक साझेदारों मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी (दोनों ओबरा निवासी) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. तीनों आरोपियों की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है. 

    उधर, समाजवादी पार्टी के रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से माफिया द्वारा खदान को अवैध रूप से चलाया जा रहा था. उन्होंने कहा, "पत्थरों के नीचे 12 से 15 लोगों के दबे होने की आशंका है. इस इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है. हर महीने एक-दो ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन खनन माफिया कैसे सब कुछ संभाल लेते हैं."

    सपा सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन किया जा रहा है. खरवार ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें फंसे खदान मजदूरों के परिजनों से मिलने से रोका. उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और प्रत्येक परिवार के लिए एक सरकारी नौकरी की भी मांग की. 

    Jeevan Ayurveda Clinic

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here