Home अध्यात्म गोल रोटी का वास्तु महत्व, जानें सुख-समृद्धि से जुड़ी मान्यताएं

गोल रोटी का वास्तु महत्व, जानें सुख-समृद्धि से जुड़ी मान्यताएं

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भारतीय रसोई में मां के हाथ की बनी गरमा-गरम गोल रोटियां सिर्फ भूख ही नहीं मिटातीं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि का प्रतीक भी मानी जाती हैं. अक्सर जब कोई नई-नई कुकिंग सीखता है, तो सबसे ज्यादा जोर रोटी को बिल्कुल गोल बनाने पर दिया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोटी का यह गोल आकार सिर्फ देखने में अच्छा लगने के लिए नहीं है? बल्कि वास्तु शास्त्र में रोटी के आकार को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं. रोटियों का टेढ़ा-मेढ़ा या किसी नक्शे जैसा होना घर में वास्तु दोष की वजह बन सकता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का वास्तु कारण.

रोटियों का गोल होना क्यों जरूरी है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर की सबसे पवित्र जगहों में से एक है, जिस पर मां अन्नपूर्णा और अग्नि देव की विशेष कृपा होती है. गोल आकार को हिंदू धर्म और ज्योतिष में पूर्णता और ब्रह्मांड का प्रतीक माना जाता है. जब रसोई में नियमित रूप से गोल और सुंदर रोटियां बनती हैं, तो इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यदि घर में लगातार कटी-फटी या अजीब आकार की रोटियां बनती हैं, तो यह घर के सदस्यों के मानसिक तनाव और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को दर्शाती हैं. इससे परिवार में कलह और अशांति का माहौल पनप सकता है.

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गोल रोटी को जब तवे पर सेंका जाता है, तो अग्नि की ऊर्जा उसमें हर तरफ बराबर लगती है. वास्तु में माना जाता है कि ठीक से पकी हुई गोल रोटी सीधे तौर पर मंगल और सूर्य ग्रह को मजबूत करती है.

सेहत और विज्ञान का नजरिया
अगर रोटी गोल और एक समान मोटाई की होगी, तो वह तवे पर हर तरफ से बिल्कुल बराबर पकेगी. अगर रोटी कहीं से मोटी और कहीं से पतली होगी, तो वह कहीं से कच्ची रह जाएगी और कहीं से जल जाएगी. दरअसल, कच्ची या अधपकी रोटी खाने से पेट खराब हो सकता है और पाचन तंत्र कमजोर होता है. आयुर्वेद के अनुसार, अग्नि पर सही ढंग से फूली और पकी हुई गोल रोटी ही शरीर को पूरा पोषण देती है.

पहली रोटी गाय की
रसोई में जब भी तवा चढ़े, तो सबसे पहली रोटी हमेशा गोल और साफ-सुथरी बनाकर गाय के लिए निकालनी चाहिए. इससे घर के सभी पितृ दोष और गृह क्लेश दूर होते हैं.

आखिरी रोटी कुत्ते की
भोजन बनाते समय सबसे अंतिम रोटी कुत्ते के लिए निकालनी चाहिए. ऐसा करने से राहु, केतु और शनि देव शांत रहते हैं और घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती है.

तो अगली बार जब आप रसोई में रोटी बनाएं, तो इसे सिर्फ एक काम न समझें. पूरे प्यार और तसल्ली से रोटियों को गोल आकार दें, क्योंकि आपकी रसोई से ही पूरे घर की सेहत, तरक्की और खुशहाली का रास्ता तय होता है.

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