कांवड़ मार्ग पर दुकानों में लगे पोस्टर से मचा बवाल, नेम प्लेट विवाद ने पकड़ा तूल

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    Jeevan Ayurveda

    लखनऊ
    यूपी में कांवड़ मार्ग पर नेम प्लेट और पहचान अभियान के बाद नया विवाद शुरू हो गया है। पहले सभी दुकानदारों को नेम प्लेट लगाने का आदेश हुआ। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने दुकानो पर छापेमारी करते हुए पहचान अभियान चलाया गया। दोनों पर रोक लगी तो अब मैं हिंदू हूं के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यह पोस्टर हिंदू महासभा के लोगों ने बरेली-बदायूं मार्ग पर स्थित ढाबों, होटलों और खाने-पीने की चीजें बेचने वाले ठेलों पर लगाया है। महासभा का दावा है कि इससे कोई धर्म छिपाकर दुकानें नहीं चला पाएगा। हम लोग हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अब किसी कांवड़िए का व्रत खंडित नहीं होगा। हिंदू महासभा की इस कार्यवाही को मुस्लिम दुकानदारों ने गलत बताया है। इसे समाज को बांटने वाला और भेदभाव वाली राजनीति कहा है। इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश कहा है। दुकानों पर पोस्टर लगाने निकले हिंदू महासभा के मंडल उपाध्यक्ष पंकज पाठक का कहना है कि दुकानदारों ने अपनी मर्जी से अपने ठेलों और दुकानों के आगे पोस्टर लगवाए हैं।

    यूपी की योगी सरकार पिछले साल कांवड़ यात्रा मार्ग में आने वाली सभी दुकानों पर नेमप्लेट लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इस साल यशवीर महाराज के कार्यकर्ताओं ने दुकानों पर पहचान अभियान चलाया। हिंदू नाम से दुकान चलाने वाले कई दुकानदारों की पहचान की। एक दुकानदार का पैंट उतरवाकर चेकिंग का प्रयास भी किया गया। इसे लेकर काफी हंगामा भी मचा। अब मैं हिंदू हूं वाले पोस्टर से हंगामा मचने की आशंका है।

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    सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। इस दौरान बरेली समेत पश्चिमी यूपी में लाखों कांवड़िए भगवान शिव को जल अर्पित करने शिवालयों तक जाएंगे। इसे देखते हुए हिंदू महासभा ने यह अभियान शुरू किया है। महासभा का कहना है कि हमने कावड़ियों की आस्था की रक्षा और कावड़ खंडित न होने का संकल्प लिया है। सावन में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर सहित आसपास के जिलों से लाखों कांवड़िए जलाभिषेक के लिए आते हैं।

    हिंदू महासभा के लोग कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों का आधार कार्ड से पहचान कर रहे हैं। इसके बाद दुकान पर मैं हिंदू हूं का पोस्टर चस्पा कर रहे हैं। पंकज पाठक ने कहा कि कांवड़िए दूर-दराज से नंगे पैर कावड़ लेकर आते हैं। ऐसी स्थिति में कोई कट्टरपंथी अगर होटल या ढाबे पर हिंदू नाम लगाकर धोखा दे सकता है। उनके खाने में कुछ अशुद्ध परोस सकता है, जिससे कावड़ यात्रा खंडित हो सकती है। इसी को रोकने के लिए यह सब किया जा रहा है।

     

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