लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर तीन खतरनाक कट, हादसे रोकने को सुरक्षा इंतजाम तेज

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    लखनऊ
    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे शुरू होते ही हादसे का खतरा मंडराने लगा हैं। 63 किमी. के एक्सप्रेसवे पर निरीक्षण के दौरान सड़क सुरक्षा के लिहाज से कई खामियां मिली हैं। सबसे बड़ा खतरा एक्सप्रेस वे पर बने तीन कट हैं। इसके अलावा दो जगहों पर दिशा-सूचना बोर्ड नहीं लगे है। ऐसे पांच खतरनाक स्थल पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी होगी। जहां से वाहन सवार अनजाने में एक्सप्रेस वे पर प्रवेश कर जाते है और रॉग साइड चलते है। रोकने पर वाहन सवार यू-टर्न में चलने लगते है। यह स्थिति आमने-सामने सड़क हादसे के लिए खतरा बने हैं।

    कट के रास्तों पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए बैरिकेडिंग, लेन व्यवस्था के साथ निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। जिन स्थानों से वाहन अनधिकृत रूप से यू-टर्न ले सकते हैं या गलत दिशा में आ सकते हैं, वहां स्पष्ट नो यू-टर्न, नो एंट्री और ‘रॉग साइड के संकेतक, रिफ्लेक्टर, ब्लिंकर की व्यवस्था की जाएगी। आपातकालीन कट सामान्य यातायात के लिए सुरक्षित रूप से बंद रखने के निर्देश दिए है। सर्विस लेबैरिकेडिंगाव, लेन मार्किंग, दिशासूचक तीर, रात्रिकालीन दृश्यता और अन्य सड़क-सुरक्षा व्यवस्थाओं में जरूरी सुधार के निर्देश एनएचएआई को दिए हैं।

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    यहां बने हैं कट
    – मोहनलालगंज
    – बनी-बंथरा
    – उन्नाव

    डीसीपी ट्रैफिक, रवीना त्यागी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कुछ संपर्क मार्गों से आने वाले स्थानीय वाहन चालक अनजाने में एक्सप्रेस वे पर प्रवेश कर जाते हैं। प्रवेश से पहले उन्हें टोल प्लाजा की दूरी, देय टोल राशि, दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों पर प्रतिबंध तथा वैकल्पिक मार्ग के संबंध में पर्याप्त व स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे संपर्क मार्गो पर स्पष्ट सूचना बोर्ड आदि लगाकर रोकने के निर्देश दिए हैं।

    हादसे रोकने के निर्देश
    – एंट्री प्वाइंट्स पर लोहे के फिजिकल बैरियर लगाने पर कर रहे विचार

    – एक्सप्रेसवे के सभी प्रवेश द्वार पर बड़े शब्दों में सूचना-पट लगाएंगे

    – एक्सप्रेसवे पर खामियों को दुरुस्त करने तक 24 घंटे पेट्रोलिंग कराएंगे

    फिजिकल बैरियर लगाने की तैयारी
    एक्सप्रेसवे पर तीन कट बने हुए है। जहां से लोग प्रवेश कर सकेंगे लेकिन प्रवेश द्वारों पर कोई भौतिक अवरोध नहीं लगाए गए हैं। इससे प्रतिबंधित दोपहिया (बाइक) और तिपहिया ऑटो व ई रिक्शा आसानी से एक्सप्रेसवे पर चढ़ रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा है। ऐसे हादसों से बचने के लिए मोहनलालगंज कट, बनी कट और उन्नाव कट और आजाद मार्ग कट पर फिजिकल बैरियर और सूचना बोर्ड लगाकर प्रतिबंधित वाहन सवारों को रोकने की तैयारी है।

    ई-बस व डबल डेकर एक्सप्रेस-वे पर नहीं चलेंगी
    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एसी ई बसें और एसी ई डबल डेकर बसों में आम यात्रियों का सफर करने का सपना अधूरा रह गया। परिवहन निगम की ओर से बस संचालन को लेकर एक्सप्रेस वे पर कराए गए सर्वे में कई दिक्कतें सामने आई। आलमबाग बस टर्मिनल से कानपुर झकरकटी बस स्टेशन वाया एक्सप्रेस वे पर सर्वे में 90 किमी. की दूरी मिली। ऐसे में एक बार चार्ज होकर 180 किमी. चलने वाली ई बसों के संचालन के सामने चार्जिंग की समस्या आ रही है।

    दूसरी ओर आलमबाग बस टर्मिनल से डबलडेकर बस रवाना होकर एक्सप्रेस वे के रास्ते कानपुर कट यानी आजाद मार्ग तक ही बस जा सकती हैं। इसके आगे सड़क मार्ग में जाजमऊ, रामादेवी और झकरकटी बस स्टेशन तक बिजली के तार, पेड़ और टहनियां और घुमाव नहीं होने से बस संचालन नहीं होने की सर्वे रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंप दी है। ऐसी स्थिति में एक्सप्रेस वे पर सिर्फ रोडवेज बसों की साधारण सेवाएं ही चलने की अनुमति मुख्यालय से दी गई है।

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