यूपी प्राथमिक स्कूल विलय मामला: एकल पीठ के फैसले के खिलाफ डबल बेंच में अपील, सुनवाई आज

    63
    0
    Jeevan Ayurveda

    लखनऊ

    प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के विलय मामले में एकल पीठ के फैसले को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दो न्यायाधीशों की खंडपीठ में विशेष अपीलें दाखिल कर चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष आज विशेष अपीलें सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। अपीकर्ताओं के अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने बताया कि पहली विशेष अपील 5 बच्चों ने, और दूसरी 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिए दाखिल की है। इनमें स्कूलों के विलय में एकल पीठ द्वारा बीती 7 जुलाई को दिए गए फैसले को रद्द करने का आग्रह किया गया है। इसके बाद मामले में दाखिल एक जनहित याचिका को भी खंडपीठ ने बीती 10 जुलाई को खारिज कर दिया था।

    Ad

    एकल पीठ खारिज कर चुकी है याचिका
    बीती 7 जुलाई को स्कूलों के विलय मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली थी। एकल पीठ ने प्रथामिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह फैसला सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्रथामिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर दिया था। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती  देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया है।

    याचियों ने इसे मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला कहा था। साथ ही मर्जर से छोटे बच्चों के स्कूल दूर हो जाने की परेशानियों का मुद्दा भी उठाया था। याचियों की ओर से खास तौर पर दलील दी गई थी कि स्कूलों को विलय करने का सरकार का आदेश, 6 से 14 साल के बच्चों के मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन करने वाला है।

    सरकार स्पष्ट कर चुकी है अपना रुख
    राज्य सरकार की ओर से याचिकाओं के विरोध में प्रमुख दलील दी गई कि विलय की कारवाई, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए बच्चों के हित में की जा रही है। सरकार ने ऐसे 18 प्रथामिक स्कूलों का हवाला दिया था जिनमें एक भी विद्यार्थी नहीं है। कहा कि ऐसे स्कूलों का पास के स्कूलों में विलय करके शिक्षकों और अन्य सुविधाओं का बेहतर उपयोग किया जाएगा। कहा था कि सरकार ने पूरी तरह शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिहाज से ऐसे स्कूलों के विलय का निर्णय लिया है।

     

    Jeevan Ayurveda Clinic

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here