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Claude के AI टेक्स्ट में छिपेगा वॉटरमार्क, कॉपी-पेस्ट के बाद भी पकड़ा जाएगा कंटेंट

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल रोज के काम में मदद के लिए करते हैं और इससे हमारा काम आसान हो जाता है. लेकिन यही AI अगर गलत हाथों में चला जाए तो बहुत बड़ी दिक्कत हो सकती है. लोग इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. इसी को ध्या में रखते हुए कुछ नियम भी बनाए गए हैं.
जैसे AI से बनाई गई इमेज पर वॉटरमार्क लगाया जाता है, ताकि पता चल सके कि फोटो असली है या नकली l  

लेकिन ऐसा फीचर टेक्स्ट के लिए नहीं बनाया गया था, जिससे लोगों को पता चल सके कि कोई टेक्स्ट AI से बनाया गया है. अब Anthropic एक नया फीचर लेकर आया है. आइए जानते हैं कि कॉपी-पेस्ट करने के बाद भी AI का टेक्स्ट कैसे पकड़ा जा सकता है l  

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एंथ्रोपिक के सपोर्ट पेज पर अनाउंस किया गया है कि Claude के सभी AI मॉडल अब एआईI से बनाए गए टेक्स्ट कंटेंट में इनविजिबल वॉटरमार्क जोड़ सकते हैं. खास बात यह है कि कॉपी-पेस्ट करने के बाद भी यह वॉटरमार्क टेक्स्ट के अंदर छिपा रह सकता है l

जानिए कैसे छुपा रहता है वॉटरमार्क!
जब आप क्लॉड से कोई टेक्स्ट लिखवाते हैं, तो अब उसके कंटेंट के अंदर वॉटरमार्क जुड़ सकता है. यह आपको दिखाई नहीं देगा, लेकिन मशीन इसे पढ़कर बता सकती है कि टेक्स्ट AI से बनाया गया है या नहीं. कॉपी-पेस्ट करने के बावजूद यह वॉटरमार्क टेक्स्ट के साथ जुड़ा रह सकता है और AI से बने कंटेंट की पोल खोल सकता है l  

जानिए क्यों बनाया Anthropic ने यह फीचर
एंथ्रोपिक को यह फीचर लाने के लिए यूरोपियन यूनियन के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्ट (EU AI Act) से नियमों का पालन करना पड़ा. इसके तहत जनरेटिव AI कंटेंट के आउटपुट को पहचानने के लिए नियम बनाए गए हैं. इसी वजह से एंथ्रोपिक ने 2 अगस्त 2026 को इस नए फीचर को क्लॉड के सभी मॉडल्स पर लागू कर दिया, ताकि EU AI Act के हिसाब से चला जा सके l  

इस फीचर को सिर्फ यूरोप तक रखने के बजाय इसे ग्लोबली लॉन्च किया गया, ताकि जनरेटिव AI के आउटपुट का सही इस्तेमाल हो सके और यह आसानी से पता लगाया जा सके कि कंटेंट AI से बनाया गया है या नहीं l  

इनविजिबल टेक्स्ट वॉटरमार्किंग क्यों जरूरी है?
इनविजिबल टेक्स्ट वॉटरमार्किंग इस समय बहुत जरूरी हो सकती है, क्योंकि ऑटोमेशन आज के समय में बहुत आम हो चुका है. कई जगह बॉट्स आपसे इंसानों की तरह बात करते हैं. ऐसे में आने वाले समय में यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि सामने AI बात कर रहा है या इंसान. इसी वजह से इस फीचर की मदद से जनरेटिव AI से बने कंटेंट का पता लगाना आसान हो सकता है l

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